आरटीआइ क्लब की ओर से अंतर महाविद्यालयीय वाद-विवाद प्रतियोगिता - देवांचल टाईम्स

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Tuesday, October 13, 2026

आरटीआइ क्लब की ओर से अंतर महाविद्यालयीय वाद-विवाद प्रतियोगिता

 डीपीडीपी एक्ट से आरटीआइ की प्रभावशीलता पर उठे सवाल 

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपी एक्ट) से सूचना के अधिकार की प्रभावशीलता पर क्या असर पड़ा है? इस विषय पर आरटीआइ क्लब उत्तराखंड की अंतर- महाविद्यालयीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तर्कपूर्ण विचार रखे। साथ ही निजता के अधिकार, जनहित की सूचनाओं तक पहुंच, सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दे उठे।

प्रतियोगिता में उत्तरांचल विश्वविद्यालय की आर्य सिंह प्रथम और इसी विश्वविद्यालय की आयुषी चौधरी द्वितीय रहीं। कशिश पुष्कर और लक्ष्मी रतूड़ी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। जिज्ञासा विश्वविद्यालय की अवंतिका प्रजापति और डीएवी पीजी कालेज की समीक्षा गुप्ता ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इससे पहले मुख्य अतिथि पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने आरटीआइ को शासन- प्रशासन से सवाल पूछने और जनहित की जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। क्लब के अध्यक्ष डा. बीपी मैथाणी ने कहा कि सूचना आयोगों में रिक्त पदों, लंबित अपीलों और प्रशासनिक जवाबदेही जैसी चुनौतियों का समाधान भी जरूरी है।

निर्णायक मंडल में पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट के साथ ही अमर सिंह घूमता, डा. बीपी मैथाणी और यज्ञभूषण शर्मा शामिल रहे। क्लब के संरक्षक डा. एस फारूक ने विजेताओं को पुरस्कार दिए। कार्यक्रम का संचालन अजय नारायण शर्मा ने किया। इस अवसर पर सचिव यज्ञभूषण शर्मा, महासचिव अमर सिंह घूमता, उपाध्यक्ष रीता सूरी, संगठन सचिव सुरेंद्र सिंह थापा आदि मौजूद रहे।

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