सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनशिकायतों को लंबित रखना अथवा केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। प्रत्येक शिकायत का तय समयसीमा के अंदर समाधान हो और इसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लें।
समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान की वास्तविक स्थिति को जाना। जिन प्रकरणों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई थी, उन्हें गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान हो चुका था, उनसे भी फोन पर बात कर फीडबैक लिया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन-1905 के माध्यम से मिली त्वरित सहायता के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
साथ ही सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सड़कों की स्थिति को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को दुरुस्त कर लिया जाए। जनता की शिकायतों का समाधान सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संबंधित अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतते हुए पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने, पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज एवं अन्य समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन-1905 में दर्ज प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से निगरानी की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


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